सतरंगी फाउंडेशन मऊ की प्रमुख उपलब्धियाँ
सतरंगी फाउंडेशन, मऊ जनपद में ट्रांसजेंडर (टीजी) समुदाय के साथ-साथ अन्य वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत है।
संस्था का उद्देश्य केवल सुविधा देना नहीं, बल्कि सम्मान, स्वीकृति और आत्मनिर्भरता का वातावरण बनाना है।
इन्हीं उद्देश्यों के तहत संस्था ने अनेक प्रेरणादायक उपलब्धियाँ हासिल की हैं —
संवेदना से समाज तक – एक मानवीय आंदोलन
सतरंगी फाउंडेशन ने दिखाया है कि बदलाव किसी आंदोलन से नहीं, बल्कि अपनापन और सम्मान से आता है। संस्था के सभी कार्यों में प्रेम, सहानुभूति और समावेश का भाव झलकता है – जहाँ हर व्यक्ति, चाहे उसका लिंग या पहचान कुछ भी हो, एक समान सम्मान और अवसर का अधिकारी माना जाता है।
समुदाय से जुड़ाव और संवाद की परंपरा
सतरंगी फाउंडेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि उसका समुदाय से गहरा जुड़ाव है। संस्था नियमित रूप से स्कूलों, कॉलेजों, संस्थाओं और सरकारी कार्यालयों में जाकर संवाद करती है — जहाँ टीजी समुदाय अपनी कहानियाँ साझा करता है, और समाज संवेदना के साथ सुनता है। यह संवाद समाज में भेदभाव मिटाने और समझ बढ़ाने की दिशा में असाधारण पहल है।
मानवाधिकार, नेतृत्व और स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण
टीजी समुदाय के सदस्यों के लिए मानवाधिकार, आत्म-सम्मान, नेतृत्व निर्माण और कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित किए गए। इनसे न केवल उनकी क्षमताएँ बढ़ीं; बल्कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर भी बने।
शिक्षा और अवसर से पुनः जोड़ना
सतरंगी फाउंडेशन ने ड्रॉप-आउट बच्चियों का पुनः नामांकन (Admission) कराकर शिक्षा की नई राह खोली। संस्था का मानना है कि शिक्षा ही हर भेदभाव को मिटाने की सबसे बड़ी कुंजी है।
सहभोज और सामाजिक एकता की पहल
टीजी समुदाय और सतरंगी फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से सहभोज कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों ने एक साथ बैठकर भोजन किया — यह दृश्य समानता, अपनापन और मानवता का जीवंत उदाहरण बना। इन कार्यक्रमों ने समाज में संवेदना, संवाद और सौहार्द की नई मिसाल कायम की।
प्रशासनिक मान्यता और सम्मान
टीजी समुदाय के सशक्तिकरण में किए गए प्रयासों के लिए संस्था प्रमुख और सतरंगी टीम को जिलाधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, डूडा अधिकारी, एडीएम साहब और नगर पालिका चेयरमैन सहित विभिन्न अधिकारियों द्वारा कई बार सम्मानित किया गया है। अब तक सतरंगी फाउंडेशन की टीम को 8 बार जिलाधिकारी मऊ द्वारा सम्मानित किया जा चुका है — यह संस्था की समर्पण भावना और कार्य की
25 बेड का टीजी ओल्ड एज होम (Old Age Home)
सतरंगी फाउंडेशन द्वारा टीजी समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों के लिए 25 बिस्तरों वाला ओल्ड एज होम स्थापित किया गया है। यह केवल एक आश्रय नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और परिवार जैसी भावना से भरा सुरक्षित घर है, जहाँ बुज़ुर्ग टीजी सदस्य बिना भेदभाव के सुकून और अपनापन महसूस करते हैं।
स्वयं सहायता समूह का गठन (SHG Formation)
टीजी समुदाय की आर्थिक उन्नति और सामूहिक सशक्तिकरण के लिए एक स्वयं सहायता समूह बनाया गया है। इस समूह के माध्यम से बचत, सहयोग और छोटे व्यवसाय की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे कई टीजी साथियों को आर्थिक स्थिरता मिली है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल – “सतरंगी सौंदर्य प्रसाधन”
डूडा विभाग के सहयोग और सतरंगी फाउंडेशन की पहल से मऊ में “सतरंगी सौंदर्य प्रसाधन” (ब्यूटी पार्लर) की स्थापना की गई। यह पार्लर स्वयं ट्रांसजेंडर समुदाय की सदस्यों द्वारा संचालित है, जो रोज़गार, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में प्रेरणादायक कदम है। यह न केवल आय का माध्यम है, बल्कि समाज में आत्मनिर्भर टीजी नेतृत्व का प्रतीक भी बन चुका है।
पहचान और दस्तावेज़ संबंधी सहयोग
संस्था ने टीजी समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार सहयोग किया — टीजी सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट जैसे दस्तावेज़ तैयार कराने में मदद की गई, जिससे समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोज़गार से जुड़ने का अवसर मिला।
जेंडर-इनक्लूसिव शौचालयों की पहल
सतरंगी फाउंडेशन के सहयोग से मऊ जनपद में 11 जेंडर-इनक्लूसिव शौचालय बनाए गए हैं। इन पर सतरंगी फाउंडेशन द्वारा डिज़ाइन किए गए साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जो समाज में समानता, गरिमा और पहचान का प्रतीक हैं। यह कदम प्रशासन और समाज के बीच समावेशिता की दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास है।